विशेषीकृत दत्तक ग्रहण एजेंसी कांकेर के माध्यम से पूरी हुई गोद लेने की प्रक्रिया
कांकेर। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित विशेषीकृत दत्तक ग्रहण एजेंसी (एसएए) कांकेर से लगभग चार माह की नवजात शिशु मायरा को पंजाब के अमृतसर निवासी एकल अभिभावक अश्वती अजिथा ने विधिवत गोद लिया। इस भावनात्मक अवसर पर जिला प्रशासन और बाल संरक्षण विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
कलेक्टर ने सौंपा शिशु को नया परिवार
दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद कलेक्टर निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर ने शिशु मायरा को अश्वती अजिथा को सौंपते हुए उनके सुखद भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे को परिवार का स्नेह और सुरक्षित वातावरण मिलना चाहिए तथा दत्तक ग्रहण की व्यवस्था ऐसे बच्चों को बेहतर जीवन प्रदान करने का महत्वपूर्ण माध्यम है।
अधिकारियों की मौजूदगी में सम्पन्न हुई प्रक्रिया
इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी विपिन जैन, जिला बाल संरक्षण अधिकारी रीना लारिया सहित विशेषीकृत दत्तक ग्रहण एजेंसी के कर्मचारी और संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने नवजात के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए दत्तक ग्रहण प्रक्रिया को बाल संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
बच्चों को मिलता है नया जीवन और परिवार
विशेषीकृत दत्तक ग्रहण एजेंसियों के माध्यम से ऐसे बच्चों को परिवार उपलब्ध कराया जाता है, जिन्हें देखभाल और संरक्षण की आवश्यकता होती है। दत्तक ग्रहण की इस प्रक्रिया से बच्चों को सुरक्षित वातावरण, शिक्षा और बेहतर भविष्य के अवसर प्राप्त होते हैं।
मायरा के जीवन की नई शुरुआत
चार माह की नन्ही मायरा अब अपने नए परिवार के साथ जीवन की नई शुरुआत करेगी। इस दत्तक ग्रहण को बाल कल्याण और सामाजिक संवेदनशीलता का एक प्रेरणादायक उदाहरण माना जा रहा है, जो यह संदेश देता है कि हर बच्चे को प्यार, सुरक्षा और परिवार का अधिकार है।








