मटोली हादसे के बाद फिर उठा सवाल, ग्रामीणों में नाराजगी
पखांजूर (कांकेर)। कांकेर जिले के पखांजूर क्षेत्र में फायर ब्रिगेड की अनुपलब्धता एक गंभीर समस्या बनती जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा छह माह पहले की गई घोषणा के बावजूद अब तक न तो क्षेत्र में फायर ब्रिगेड वाहन उपलब्ध कराया गया है और न ही कोई अग्निशमन केंद्र स्थापित हो सका है।हाल ही में मटोली में हुए भीषण ट्रक हादसे के बाद यह मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
16 जनवरी 2026 को हुई थी घोषणा, अब तक नहीं हुआ अमल
जानकारी के अनुसार, 16 जनवरी 2026 को मुख्यमंत्री के पखांजूर दौरे के दौरान क्षेत्र में फायर ब्रिगेड वाहन उपलब्ध कराने की घोषणा की गई थी। लेकिन छह महीने बीत जाने के बाद भी यह योजना धरातल पर लागू नहीं हो सकी है, जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी जा रही है।
300 से अधिक गांवों वाला क्षेत्र, हर साल होती हैं आगजनी की घटनाएं
पखांजूर क्षेत्र लगभग 150 किलोमीटर के दायरे में फैला हुआ है, जिसमें 300 से अधिक गांव शामिल हैं। ग्रामीणों के अनुसार, हर वर्ष इस क्षेत्र में आगजनी की कई घटनाएं होती हैं, जिससे भारी नुकसान होता है। इसके बावजूद यहां पर्याप्त अग्निशमन व्यवस्था नहीं है।
मटोली हादसे में सामने आई कमी
हाल ही में मटोली में दो ट्रकों की आमने-सामने टक्कर के बाद वाहनों में आग लग गई थी। इस घटना के दौरान फायर ब्रिगेड की अनुपलब्धता साफ तौर पर सामने आई। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि मौके पर फायर ब्रिगेड वाहन उपलब्ध होता, तो आग पर जल्दी काबू पाया जा सकता था और नुकसान को कम किया जा सकता था।
ग्रामीणों की मांग – जल्द हो व्यवस्था शुरू
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पखांजूर क्षेत्र में जल्द से जल्द फायर ब्रिगेड वाहन और अग्निशमन केंद्र की स्थापना की जाए, ताकि भविष्य में होने वाली आगजनी घटनाओं से जान-माल के नुकसान को रोका जा सके।










