बिना ग्रामसभा स्वीकृति बन रही निजी सड़क और पुलिया, एसडीएम से रोक लगाने की मांग
रायपुर। विकासखंड आरंग के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत बोड़रा में सरकारी नियमों और पंचायती राज व्यवस्था को दरकिनार कर शामलात चारागाह (सरकारी गोचर भूमि) पर अवैध निर्माण का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि रसूखदार लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए बिना किसी शासकीय स्वीकृति और ग्रामसभा प्रस्ताव के लगभग 500 मीटर लंबी निजी सड़क और पुलिया का निर्माण किया जा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि इस निर्माण कार्य से सरकारी चारागाह भूमि पर अवैध कब्जे की कोशिश की जा रही है, जिससे गांव के पशुपालन और सार्वजनिक उपयोग की भूमि प्रभावित हो रही है। मामले को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है।
खसरा नंबर 527 की भूमि पर कब्जे का आरोप
शिकायत के अनुसार, ग्राम पंचायत बोड़रा के पटवारी हल्का नंबर 27 के अंतर्गत आने वाली शामलात चारागाह भूमि (खसरा नंबर 527, कुल रकबा 9.020 हेक्टेयर) के एक बड़े हिस्से पर अवैध निर्माण किया जा रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि यह कार्य बिना किसी वैध अनुमति के तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।
एसडीएम को सौंपा गया ज्ञापन, कार्रवाई की मांग
आक्रोशित ग्रामीणों ने Sub-Divisional Magistrate Office Arang को लिखित शिकायत सौंपकर तत्काल निर्माण कार्य पर रोक लगाने की मांग की है। साथ ही दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की गुहार लगाई गई है।ग्रामीणों ने कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो चारागाह भूमि पूरी तरह निजी कब्जे में चली जाएगी, जिससे गांव में पशुपालन व्यवस्था पर गंभीर असर पड़ेगा।
प्रशासनिक जांच की मांग तेज
मामले को लेकर ग्रामीण प्रशासन से निष्पक्ष जांच और अवैध निर्माण को तत्काल रोकने की मांग कर रहे हैं। फिलहाल प्रशासन की ओर से इस पर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।










