प्रशासनिक विषयों और प्रभार वाले जिलों की समीक्षा, राजनीतिक अटकलों को मंत्रियों ने किया खारिज
रायपुर। मुख्यमंत्री निवास में गुरुवार देर रात मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। करीब पांच घंटे तक चली यह बैठक देर रात शुरू होकर रात 2 बजे के बाद समाप्त हुई। बैठक खत्म होने के बाद सभी मंत्री मुख्यमंत्री निवास से बाहर निकले। बैठक को लेकर दिनभर राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं होती रहीं, हालांकि मंत्रियों ने इसे नियमित समीक्षा बैठक बताया।
हर तीन महीने में होने वाली नियमित बैठक: विजय शर्मा
बैठक के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि यह हर तीन महीने में आयोजित होने वाली नियमित बैठक थी। उन्होंने बताया कि मंत्रियों के प्रभार वाले जिलों की स्थिति, विकास कार्यों और विभिन्न प्रशासनिक विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।वहीं उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने भी बैठक को सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों को चर्चा के लिए आमंत्रित किया था और विभिन्न विभागीय मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया।
“सभी लोग मुस्कुराइए, कयास निष्फल हैं” : राम विचार नेताम
बैठक के बाद मंत्री राम विचार नेताम ने राजनीतिक अटकलों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “सभी लोग मुस्कुराइए, सभी तरह के कयास निष्फल हैं।” उनके इस बयान को बैठक को लेकर चल रही चर्चाओं पर विराम लगाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
संगठन और सरकार के समन्वय पर भी चर्चा की अटकलें
सूत्रों के अनुसार, 18 जून को क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल और प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय ने प्रदेश भाजपा महामंत्रियों की बैठक ली थी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में कुछ महामंत्रियों ने मंत्रियों द्वारा समय नहीं दिए जाने, फोन कॉल रिसीव नहीं करने और स्थानीय कार्यक्रमों में अपेक्षित समन्वय नहीं होने जैसी शिकायतें रखी थीं।हालांकि सरकार या संगठन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन राजनीतिक हलकों में माना जा रहा है कि संगठन और सरकार के बीच बेहतर समन्वय को लेकर भी चर्चा हुई हो सकती है।
मंत्रियों को अचानक मिला था बैठक का संदेश
सूत्रों के मुताबिक, मंत्रियों को बैठक के एजेंडे की पूर्व जानकारी नहीं दी गई थी। शाम होते-होते उन्हें केवल एक पंक्ति का संदेश भेजकर मुख्यमंत्री निवास पहुंचने के लिए कहा गया था। बैठक में मुख्यमंत्री के साथ प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय भी मौजूद रहे और बैठक के समन्वय की जिम्मेदारी संभालते नजर आए।
राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज
बैठक की अवधि, देर रात तक चली चर्चा और संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों की मौजूदगी के कारण राजनीतिक गलियारों में कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं। हालांकि बैठक से बाहर आने वाले मंत्रियों ने इसे पूरी तरह नियमित और प्रशासनिक समीक्षा से जुड़ा कार्यक्रम बताते हुए किसी भी राजनीतिक विवाद या असंतोष की अटकलों को खारिज कर दिया।








