ट्रांसपोर्ट ठेका दिलाने के नाम पर 17.52 लाख रुपये ठगने का आरोप, पुलिस को अंतिम प्रतिवेदन पेश करने के निर्देश
दुर्ग। पूर्व भारतीय क्रिकेटर राजेश चौहान कथित धोखाधड़ी के एक मामले में कानूनी मुश्किलों में घिर गए हैं। उन पर जिंदल इस्पात लिमिटेड में ट्रांसपोर्ट का ठेका दिलाने का झांसा देकर 17.52 लाख रुपये की ठगी करने का आरोप लगाया गया है। मामले में न्यायालय ने पुलिस को जांच पूरी कर अंतिम प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

न्यायिक मजिस्ट्रेट ने स्वीकार किया आवेदन
जानकारी के अनुसार, न्यायिक मजिस्ट्रेट ऐश्वर्या दीवान की अदालत ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 175(3) के तहत प्रस्तुत आवेदन को स्वीकार करते हुए पुलिस को मामले की निष्पक्ष जांच कर अंतिम प्रतिवेदन न्यायालय में पेश करने का आदेश दिया है।

ठेका दिलाने के नाम पर ठगी का आरोप
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि जिंदल इस्पात लिमिटेड में ट्रांसपोर्ट का ठेका दिलाने का भरोसा देकर शिकायतकर्ता से 17.52 लाख रुपये लिए गए, लेकिन न तो ठेका दिलाया गया और न ही राशि वापस की गई। इसके बाद मामला न्यायालय पहुंचा।

जांच के बाद सामने आएंगे तथ्य
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद अंतिम प्रतिवेदन न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा, जिसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई होगी। मामले में अभी आरोपों की जांच जारी है और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही पूरे प्रकरण की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।









