उत्तर प्रदेश से दबोचा गया फरार आरोपी, एक अन्य आरोपी भी चढ़ा पुलिस के हत्थे
दुर्ग। भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) स्क्रैप चोरी प्रकरण में दुर्ग पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य आरोपी संजय सिंह को उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार कर लिया गया है। इसके अलावा मामले में एक अन्य आरोपी पिंटू उर्फ उपेंद्र ओझा को भी गिरफ्तार किया गया है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद 7 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है, जहां उनसे पूछताछ जारी है।
देवरिया से हुई गिरफ्तारी
पुलिस के अनुसार, अपराध दर्ज होने के बाद से संजय सिंह लगातार फरार था और गिरफ्तारी से बचने के लिए अलग-अलग स्थानों पर छिपकर रह रहा था। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में दबिश दी और घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद आरोपी को दुर्ग लाया गया।
फ्लू डस्ट की आड़ में हो रही थी स्क्रैप की तस्करी
यह मामला 26 मई 2026 का है, जब ग्राम अकलोरडीह खदान पारा स्थित ए.के. ट्रेडर्स और एचआईए हथखोज क्षेत्र में पुलिस और प्रशासन की संयुक्त जांच के दौरान बड़े पैमाने पर अवैध स्क्रैप बरामद किया गया था।जांच में खुलासा हुआ था कि विभिन्न हाईवा और ट्रकों में फ्लू डस्ट की आड़ लेकर बीएसपी से चोरी किए गए लोहे के स्क्रैप, प्लेट, बीम और कटिंग सामग्री का अवैध परिवहन किया जा रहा था।
250 टन स्क्रैप बरामद, करोड़ों की संपत्ति जब्त
कार्रवाई के दौरान करीब 250 टन लोहे की प्लेट और बीम कटिंग बरामद की गई थी, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 90 लाख रुपये आंकी गई थी। इसके साथ ही परिवहन और लोडिंग में इस्तेमाल किए गए वाहन एवं मशीनरी भी जब्त की गई थी।पुलिस के अनुसार, इस मामले में जब्त की गई कुल संपत्ति का मूल्य करीब 3 करोड़ 22 लाख रुपये है।
पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं 8 आरोपी
इस प्रकरण में पुलिस पहले ही 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज चुकी है। अब मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद जांच को और तेज कर दिया गया है।प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी संगठित तरीके से बीएसपी से स्क्रैप चोरी कर उसे अवैध रूप से खपाने का काम कर रहे थे और इससे आर्थिक लाभ अर्जित कर रहे थे।
पूरे नेटवर्क की तलाश में पुलिस
दुर्ग पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि स्क्रैप चोरी और अवैध कारोबार से जुड़े किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।पुलिस ने स्पष्ट किया है कि औद्योगिक क्षेत्रों में हो रही चोरी और अवैध कारोबार पर लगातार निगरानी रखी जा रही है तथा ऐसे मामलों में आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।









