जिला अस्पताल में इलाज के दौरान महिला की मौत
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। जिला अस्पताल में सर्पदंश की शिकार 45 वर्षीय महिला उर्मिला बाई की इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रशासन और डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है।परिजनों का कहना है कि समय पर एंटी-स्नेक वेनम इंजेक्शन नहीं लगाए जाने और इलाज में देरी के कारण महिला की जान चली गई।
परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
मृतका के पति ने आरोप लगाया कि अस्पताल में कागजी कार्रवाई में अधिक समय लिया गया, जिससे उपचार में देरी हुई। उनका कहना है कि अगर समय पर एंटी-स्नेक वेनम दिया जाता तो महिला की जान बचाई जा सकती थी।परिजनों ने मामले की शिकायत कलेक्टर और एसडीएम से करते हुए विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम से पोस्टमार्टम कराने की मांग की है।
अस्पताल प्रशासन ने आरोपों को बताया गलत
वहीं अस्पताल के डॉक्टर मार्को ने परिजनों के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि मरीज को तुरंत प्राथमिक उपचार दिया गया था। उन्होंने बताया कि महिला को कुल 20 वायल एंटी-स्नेक वेनम लगाए गए, लेकिन जहर अधिक फैल जाने के कारण उन्हें बचाया नहीं जा सका।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा मामला
फिलहाल मामले की जांच जारी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों पर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। अस्पताल प्रशासन ने दावा किया है कि इलाज में कोई लापरवाही नहीं हुई है।








