अधिवक्ता संघ की सतर्कता से खुला फर्जीवाड़ा, आरोपी की पहचान मनीष कुर्रे के रूप में हुई
Raipur। रायपुर। न्यायालय परिसर में अधिवक्ता संघ प्रबन्धकारिणी द्वारा एक फर्जी वकील को पकड़ने का मामला सामने आया है। जांच के दौरान यह व्यक्ति खुद को हरीश डहरिया बताकर वकालत से जुड़े काम करता हुआ पाया गया।
संदिग्ध गतिविधियों के चलते अधिवक्ता संघ ने जब उससे आवश्यक दस्तावेज और पहचान पत्र मांगे, तो उसकी असली पहचान का खुलासा हो गया। जांच में सामने आया कि आरोपी का वास्तविक नाम मनीष कुर्रे है।
अधिवक्ता संघ के अनुसार, आरोपी लंबे समय से खुद को वकील के रूप में प्रस्तुत कर रहा था। उसने अपने विजिटिंग कार्ड और व्हाट्सएप डीपी में भी स्वयं को अधिवक्ता दिखाया हुआ था, जिससे लोगों को भ्रमित किया जा रहा था।
जानकारी के अनुसार, दिल्ली की तर्ज पर कई ऐसे फर्जी वकील बाहरी डिग्रियों के आधार पर न्यायालयों में सक्रिय हैं। ये लोग पक्षकारों को कानूनी सहायता के नाम पर झांसा देकर अवैध रूप से धन वसूली तक करते हैं। इस तरह के मामलों को लेकर अब बार एसोसिएशन और अधिवक्ता संघों ने सतर्कता बढ़ा दी है।








