ध्वनि प्रदूषण पर स्वतः संज्ञान याचिका की सुनवाई, त्योहारों से पहले सरकार कर रही नियमों में संशोधन
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में तेज डीजे और ध्वनि विस्तारक यंत्रों से होने वाले ध्वनि प्रदूषण को लेकर स्वतः संज्ञान जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि आगामी दिनों में त्योहारों का सीजन शुरू होने वाला है, ऐसे में डीजे और लाउडस्पीकर के उपयोग को लेकर प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करना आवश्यक है।
सुनवाई के दौरान राज्य शासन की ओर से कोर्ट को बताया गया कि कोलाहल नियंत्रण संबंधी अधिनियम में संशोधन की प्रक्रिया जारी है। संशोधित नियमों में ध्वनि प्रदूषण रोकने के लिए पहले से अधिक सख्त प्रावधान शामिल किए जा रहे हैं, जिन्हें जल्द लागू करने की तैयारी है।
हाईकोर्ट ने सरकार से संशोधन प्रक्रिया की अद्यतन जानकारी अगली सुनवाई में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण और आम नागरिकों को शांत वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
अब सभी की निगाहें सरकार के नए नियमों पर टिकी हैं। माना जा रहा है कि संशोधित प्रावधान लागू होने के बाद त्योहारों, सार्वजनिक आयोजनों और अन्य कार्यक्रमों में डीजे एवं लाउडस्पीकर के उपयोग को लेकर सख्त दिशा-निर्देश लागू किए जा सकते हैं।







