नियमों की अनदेखी कर मामलों को अस्पताल में ही निपटाने का आरोप, जांच की मांग तेज
रायपुर/कांकेर। कांकेर जिले के अंदरूनी इलाकों में संचालित अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि कुछ अस्पताल स्वास्थ्य सेवाएं देने के साथ-साथ कानूनी प्रावधानों की अनदेखी करते हुए आपराधिक प्रकृति के मामलों की जानकारी पुलिस को दिए बिना ही उनका निपटारा कर रहे हैं। हाटकर्रा अस्पताल से जुड़े दो मामलों ने इस पूरे मुद्दे को चर्चा में ला दिया है।
पहले मामले में एक बालिग लेकिन अविवाहित युवती ने अस्पताल में शिशु को जन्म दिया। ऐसे मामलों में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया और पुलिस को सूचना देने की अपेक्षा होती है, लेकिन आरोप है कि इसकी जानकारी संबंधित थाने को नहीं दी गई।
वहीं दूसरे मामले में एक नाबालिग बालिका की गर्भावस्था का मामला सामने आने के बावजूद पुलिस को सूचित नहीं किया गया। विशेषज्ञों के अनुसार नाबालिग से जुड़े ऐसे मामलों में पॉक्सो (POCSO) अधिनियम और अन्य कानूनी प्रावधानों के तहत पुलिस को तत्काल सूचना देना अनिवार्य माना जाता है, ताकि मामले की निष्पक्ष जांच हो सके।
इन दोनों घटनाओं के सामने आने के बाद अस्पताल प्रबंधन की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय स्तर पर मामले की जांच और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी तेज हो गई है। फिलहाल संबंधित अधिकारियों की ओर से इस मामले में विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।







