केंद्र ने कानूनी मान्यता की दिशा में बढ़ाया कदम, नए नियम लागू होने पर बदलेगी आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था
रायपुर। छत्तीसगढ़ के दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। केंद्र सरकार ने देश में दोपहिया सड़क एम्बुलेंस (बाइक एम्बुलेंस) को कानूनी मान्यता देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 में संशोधन का प्रस्ताव रखते हुए ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी किया है।
प्रस्तावित नियम लागू होने के बाद बाइक एम्बुलेंस के निर्माण, पंजीकरण, संचालन और सुरक्षा मानकों के लिए पूरे देश में एक समान व्यवस्था लागू होगी। इससे ऐसे क्षेत्रों में, जहां चार पहिया एम्बुलेंस का पहुंचना मुश्किल होता है, मरीजों तक प्राथमिक उपचार और आपातकालीन चिकित्सा सहायता तेजी से पहुंचाई जा सकेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि छत्तीसगढ़ जैसे राज्य, जहां कई गांव घने जंगलों और दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में बसे हैं, वहां बाइक एम्बुलेंस स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकती हैं। इससे दुर्घटना, गर्भवती महिलाओं और अन्य गंभीर मरीजों को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
फिलहाल यह प्रस्ताव ड्राफ्ट नोटिफिकेशन के रूप में जारी किया गया है। नियमों को अंतिम मंजूरी मिलने के बाद देशभर में बाइक एम्बुलेंस के संचालन के लिए स्पष्ट कानूनी ढांचा तैयार होगा, जिससे राज्यों को भी इन्हें प्रभावी ढंग से लागू करने में सुविधा मिलेगी।









